आज ज़िंदगी के इस मोड़ पर

आज ज़िंदगी के इस मोड़ पर 
जहां कंधे झुके  जाते है 
जिम्मेदारियो के बोझ से 
दिल चाहता है फिर एक बार 

बच्चा बनने को, बचपन पाने को 
बच्चा जिसको 
ना  कोई फ़िक्र हो, 
ना कोई शर्म हो 
जिए मस्त , करो कुछ भी 
सब दोस्त बराबर 
ना  कोई छोटा , ना  कोई बड़ा 
खेले साथ साथ 
बढ़े  साथ साथ 

शायद दे सन्देश समाज को 
दिल चाहता है फिर एक बार 
बच्चा बनने को, बचपन पाने को 

आरक्षण का दुष्परिणाम

ये कविता किसने लिखी है, मुझे नहीं मालूम, पर जिसने भी लिखी है उसको नमन करता हूँ। 
आरक्षण के मुद्दे पर बहुत ही प्रभावी अभिव्यक्ति, आप सभी के ध्यानार्थ एवं ज्ञानार्थ प्रस्तुत है.....
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*"करता हूँ अनुरोध आज मैं, भारत की सरकार से,"* 
*"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"*
*"वर्ना रेल पटरियों पर जो, फैला आज तमाशा है,"*
*"जाट आन्दोलन से फैली, चारो ओर निराशा है…"*
*"अगला कदम पंजाबी बैठेंगे, महाविकट हडताल पर,"*
*"महाराष्ट में प्रबल मराठा , चढ़ जाएंगे भाल पर…"*
*"राजपूत भी मचल उठेंगे, भुजबल के हथियार से,"*
*"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"*
*"निर्धन ब्राम्हण वंश एक, दिन परशुराम बन जाएगा,"*
*"अपने ही घर के दीपक से, अपना घर जल जाएगा…"*
*"भड़क उठा गृह युध्द अगर, भूकम्प भयानक आएगा,"*
*"आरक्षण वादी नेताओं का, सर्वस्व मिटाके जायेगा…"*
*"अभी सम्भल जाओ मित्रों, इस स्वार्थ भरे व्यापार से,"*
*"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"*
*"जातिवाद की नही , समस्या मात्र गरीबी वाद है,"*
*"जो सवर्ण है पर गरीब है, उनका क्या अपराध है…"*
*"कुचले दबे लोग जिनके, घर मे न चूल्हा जलता है,"*
*"भूखा बच्चा जिस कुटिया में, लोरी खाकर पलता है…"*
*"समय आ गया है उनका , उत्थान कीजिये प्यार से,"*
*"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"*
*"जाति गरीबी की कोई भी, नही मित्रवर होती है,"*
*"वह अधिकारी है जिसके घर, भूखी मुनिया सोती है…"*
*"भूखे माता-पिता , दवाई बिना तडपते रहते है,"*
*"जातिवाद के कारण, कितने लोग वेदना सहते है…"*
*"उन्हे न वंचित करो मित्र, संरक्षण के अधिकार से"*
*"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"*
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Democracy to Monarchism


The selection of Mr. XI Jinping as President of China for whole life and after winning election in Russia by Mr. Vladmir Putin is indicating that these countries are moving towards monarchy system and definitely the adjacent countries as well as those countries who are deeply associated with Russia and China will have big influence of this pattern of thinking means monarchy. The Democratic and Republic spirit will have negative impact from the above movements. Leaders of many others countries will also  tries to place themselves as a position holder for lifetime and may plans to place their family holders of position means dictatorship / monarchism. Some other small countries in world has moved / moving towards democratic system while the big countries are changing themselves from democratic to monarchism.

Here the question is that the ‘Does the cycle of history has completed its one round and starting new round where again dictatorship will start.